छोटे-छोटे घरेलू टिप्स: इनसे पथरी टूट कर निकल जाएगी

– नारियल पानी पीने से पथरी निकल जाती है।

– जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है।

– 15 दाने बड़ी इलायची के, एक चम्मच खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार रोज पीते रहें।

– जौ का पानी पीने से भी पथरी निकल जाती है।

– सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर की निकल जाती है।

– आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लें।

– पका हुआ जामुन खाने से पथरी रोग में आराम मिलता है।

– आंवले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है।

– मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया सभी 50-50 ग्राम को डेढ़ किलो पानी में रात को भिगोकर रख दें। शाम को छानकर इन्हें पीसकर इसी पानी में घोलकर छान कर पीएं। एक बार में पूरा न पी पाएं तो कुछ समय बाद फिर पीएं।

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दालचीनी का नुस्खा….15 मिनट में आर्थराइटिस का दर्द दूर

भारत में आर्थराइटिस की बढ़ती समस्या के पीछे जीवनशैली में बदलाव एक बड़ा कारण है। मॉर्डन लाइफ स्टाइल, काम का कोई समय नही और काम के लिए दिन-रात एक जैसे। ऐसे में अधिकतर लोग कम उम्र में आर्थराइटिस के चक्कर में आ रहे हैं। आर्थराइटिस से परेशान लोगों के लिए नीचे एक देसी नुस्खा बताया जा रहा है जो कि यह आर्थराइटिस की समस्या में रामबाण है

–  आर्थराइटिस का दर्द दूर भगाने में शहद और दालचीनी का मिश्रण बड़ा कारगर है। एक चम्मच दालचीनी पाउडर लें। इसे दो तिहाई पानी और एक तिहाई शहद मिला लें। इस लेप को दर्द वाली जगह पर लगाएं। 15 मिनट में दर्द गायब हो जाएगा।

– शहद के साथ दालचीनी पाउडर लेने पर पेट के दर्द से राहत मिलती है। ऐसे लोग जिन्हें गैस की समस्या है उन्हें शहद और दालचीनी पाउडर बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करना चाहिए।

–  आधा लीटर चाय में तीन चम्मच शहद और तीन चम्मच दालचीनी मिलाकर पीएं। दो घंटे के भीतर रक्त में कोलेस्ट्राल का स्तर घट जाता है।
– दालचीनी त्वचा को निखारती है तथा खुजली के रोग को दूर करती है।

– रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

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छोटे-छोटे घरेलू टिप्स: इन्हें अपनाएंगे तो कब्ज नहीं होगी

– कच्चे पालक का रस पीते रहने से कब्ज कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है।

– पालक, बथुए की सब्जी, चौलाई, मसूर की दाल और सुखे मेवे खाने से भी कब्ज दूर होती है।

– एक कच्चा प्याज नियमित रूप से भोजन के साथ खाने से कब्ज नहीं होती।

– कब्ज की शिकायत हो तो रात को सोने से पहले पपीता खाएं।

– मुनक्का दूध में उबालकर लेने पर इस समस्या से राहत मिलती है।

– गर्म दूध में दो चम्मच गुलाब का गुलकंद डालकर लेने से पेट साफ होता है।

– सोने से पहले पचास ग्राम शहद दूध में या पानी मिलाकर पीएं।

– छाछ में अजवाइन मिलाकर पीने से भी कब्ज दूर होती है।

– खाली पेट सेब खाने से कब्ज का नाश होता है।

– सोते समय एरण्ड का तेल दूध में मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है। 

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एलोवेरा के आसान प्रयोग: करें इन लाइलाज रोगों का इलाज

एलोवेरा या घृतकुमारी को आयुर्वेद में संजीवनी कहा गया है। ऐलोवेरा एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर है। एलोवेरा का जूस भी लाभदायक माना जाता है। जोड़ों के दर्द में एलोवेरा जूस का सेवन सुबह-शाम करने से और प्रभावित जोड़ों पर लगाने से विशेष फायदा होता है।एलोवेरा जूस वसा को शरीर में जमने नहीं देता जिससे दिल की बीमारियां नहीं होती हैं। बालों के लिए यह जूस बढिय़ा कंडीशनर है। इसके जूस को सिर में लगाने से बाल मुलायम, घने और काले हो जाते हैं व बालों का झडऩा बंद हो जाता है। एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाने से मुहांसे, झाइयां दूर होती हैं।

एलोवेरा में शरीर की अंदरूनी सफाई करने और शरीर को रोगाणु रहित रखने के गुण भी मौजूद है। एलोवेरा हमारे शरीर की छोटी-बड़ी नस व नाडिय़ों की सफाई करता है, उनमें नवीन शक्ति तथा स्फूर्ति भरता है। एलोवेरा एक ऐसी औषधी है जो हर उम्र के लोग इस्तेमाल कर सकते है। यह शरीर में जाकर खराब सिस्टम को ठीक करती है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। शरीर में मौजूद हृदय विकार, जोड़ों के दर्द, मधुमेह, यूरीनरी प्रॉब्लम्स, शरीर में जमा विषैले पदार्थ आदि को नष्ट करने में मददगार है। इसके प्रयोग से बीमारियों से मुक्त रहकर लंबी उम्र तक स्वस्थ और फिट रहा जा सकता है।

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तेल को चेहरे पर मलने का अनोखा तरीका इससे झुर्रियां गायब हो जाएंगी

– नारियल पानी व खीरे का रस मिलाकर रोजाना लगाने से। दाग धब्बे मिटते हैं, त्वचा कांतिमय लगने लगती है। नारियल का दूध बालों के बढऩे में महत्वूर्ण भूमिका अदा करता है। यह बालों को बेहतरीन पोषण प्रदान  करता है।

– खट्टे दही में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर उस उबटन में नारियल के तेल की कुछ बूंदे डालकर लगाने से बालों में चमक और नई जान आ जाते हैं।

– रात को सोते समय चेहरे पर गरदन और झुर्रियों से प्रभावित भाग में नारियल का तेल लगाएं। हाथों को ऊपर की तरफ ले जाते हुए मालिश करें। मालिश हल्के हाथ से करें। सवेरे उठकर चेहरे को साफ पानी से धो लें। झुर्रियां नष्ट हो जाएंगी।

–  रोजाना 2 से 3 नारियल पानी पीएं चेहरा ग्लो करने लगेगा।

– नारियल की गिरी खाने से रंग निखरने लगता है।

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तुलसी के कुछ पत्ते ऐसे खाएं तो पेट से जुड़ी कोई बीमारी नहीं होगी

प्रयोग- तुलसी की तीस पत्तियां पानी से धोकर पीसकर 20 ग्राम दही जो खट्टा न हो या एक-दो चम्मच शहद के साथ सेवन करें। इसके तीन महीने तक प्रयोग से भूख खुलकर लगती है और कब्ज नहीं होती साथ ही नियमित रूप से इसके सेवन से पेट से जुड़ी कोई बीमारी नहीं होती।    

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आलू से हो सकती है आपकी कायापलट….ये पढ़ेंगें तो जान जाएंगें

– आलू उबालने के बाद बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से आश्चर्यजनक रूप से बाल चमकीले, मुलायम और जड़ों से मजबूत होंगे। सिर में खाज, सफेद होना व गंजापन तत्काल रुक जाता है।

– जलने पर कच्चा आलू कुचलकर जले भाग पर तुरंत लगा देने से आराम मिल जाता है। – आलू को पीसकर त्वचा पर मलें। रंग गोरा हो जाएगा।

– आलू के रस में नींबू रस की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से धब्बे हल्के हो जाते हैं।

– आलू के टुकड़ों को गर्दन, कुहनियों आदि सख्त स्थानों पर रगडऩे से वहां की त्वचा साफ एवं कोमल हो जाती है।

– आलू भूनकर नमक के साथ खाने से चर्बी की मात्रा में कमी होती है।

– झाइयों तथा झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए आलू के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर झाइयों और झुर्रियों पर लगाएं। बीस मिनट बाद चेहरा पानी से साफ कर लें।

–  भुना हुआ आलू पुरानी कब्ज दूर करता है। आलू में पोटेशियम साल्ट होता है जो अम्लपित्त को रोकता है।

–  चार आलू सेंक लें और फिर उनका छिलका उतार कर नमक, मिर्च डालकर खाएँ। इससे गठिया ठीक हो जाता है।

–  उच्च रक्तचाप के रोगी भी आलू खाएँ तो रक्तचाप को सामान्य बनाने में लाभ करता है।

–  कच्चा आलू पत्थर पर घिसकर सुबह-शाम काजल की तरह लगाने से 5 से 6 वर्ष पुराना जाला और 4 वर्ष तक का फूला 3 मास में साफ हो जाता है।

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आयुर्वेदिक टिप्स…जोड़ों के दर्द का बेजोड़ इलाज

अगर आपके साथ भी किसी भी तरह की जोड़ों के दर्द से जुड़ी समस्या है, तो आप नीचे लिखे आयुर्वेदिक उपाय एक बार जरुर आजमाएं।

– सौंठ,मरीच एवं पिप्पली का प्रयोग त्रिकटु के रूप में 1/2 चम्मच नित्य गुनगुने पानी से प्रयोग जोड़ों के दर्द में राहत देता है।

– अरंडी की जड़ का चूर्ण 1/2-1 चमच्च लेने से भी गठिया के रोगियों में चमत्कारिक लाभ मिलता है।

– प्रारंभिक अवस्था में यदि जोड़ों के दर्द की शुरुआत हुई हो तो अरंडी के तेल के मालिश भी अत्यंत प्रभावी होते है।

– केवल सौंठ का प्रयोग भी पुराने से पुराने जोड़ों के दर्द में लाभ देता है।

 – अश्वगंधा,शतावरी एवं आमलकी का चूर्ण जोड़ों से दर्द के कारण आयी कमजोरी को दूर करता है।

– यदि जोड़ों का दर्द बहुत पुराना हो तो बालू की पोटली का सेक भी सूजन से राहत दिलाता है।

– दशमूल का का काढा भी 10-15 एम.एल. की मात्रा में जोड़ों के दर्द में लाभ पहुंचाता है।

 – जोड़ों के दर्द के साथ यदि सूजन हो तो एरंडी एवं निर्गुन्डी के पत्तों की सिकाई दर्द एवं सूजन को कम करती है।

 – यदि गठियावात (आर्थराईटिस) के दर्द का कारण फेक्टर हो तो गुग्गुलु का प्रयोग चिकित्सक के परामर्श से करना चाहिए।

– गठियावात के कारण उत्पन्न जोड़ों के दर्द में पंचकर्म चिकित्सा अत्यंत प्रभावी है। कुछ छोटी -छोटी बातों एवं सावधानियों का ध्यान रखकर हम जोड़ों के दर्द से रहत पा सकते हैं।

– यदि जोड़ों के दर्द का कारण यूरिक एसिड का बढऩा है तो भोजन में प्रोटीन की मात्रा कम कर देनी चाहिए।

– सूजन की अवस्था में आसनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

– गठिया की प्रारंभिक अवस्था में योग एवं प्राणायाम का नित्य प्रयोग संधिवात के कारण उत्पन्न जोड़ों के दर्द को कम करता है।

– गठिया के रोगियों को तले भुने भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

– हरी पत्तेदार एम रेशेदार फल सब्जियां योगी के कब्ज को ठीक कर जोड़ों के दर्द में लाभ पहुंचाती है।

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मुंहासे आउट करने के लिए करें दही-शहद का ये देसी प्रयोग

1. जामुन की गुठली को पानी में घिसकर चेहरे पर लगाने से मुंहासे दूर होते हैं।

2. दही में कुछ बूंदें शहद की मिलाकर उसे चेहरे पर लेप करना चाहिए। इससे कुछ ही दिनों में मुंहासे दूर हो जाते हैं।

3. तुलसी व पुदीने की पत्तियों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें तथा थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से भी मुंहासों से निजात मिलती है।

4. नीम के पेड़ की छाल को घिसकर मुंहासों पर लगाने से भी मुहांसे घटते हैं।

5. जायफल में गाय का दूध मिलाकर मुंहांसों पर लेप करना चाहिए।

6. हल्दी, बेसन का उबटन बनाकर चेहरे पर लगाने से भी मुंहासे दूर होते हैं।

7. नीम की पत्तियों के चूर्ण में मुलतानी मिट्टी और गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बना लें व इसे चेहरे पर लगाएं।

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पथरी के कुछ देसी इलाज

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1.तुलसी के बीज का हिमजीरा दानेदार शक्कर व दूध के साथ लेने से मूत्र पिंड में फंसी पथरी निकल जाती है।


2. एक मूली को खोखला करने के बाद उसमे बीस-बीस ग्राम गाजर शलगम के बीज भर दें, उसके बाद मूली को भून लें,उसके बाद मूली से बीज निकाल कर पीस लें। सुबह पांच या छ: ग्राम पानी के साथ एक माह तक पीते रहे,पथरी और पेशाब वाली बीमारियों में फायदा मिलेगा। 
 
3. जीरे को मिश्री की चाशनी बनाकर उसमें या शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।   


4. यदि मूत्र पिंड में पथरी हो और पेशाब रुक रुक कर आना चालू हो गया है तो एक गाजर को नित्य खाना चालू कर देना चाहिये।   

पथरी से बचने के तरीके– ज्यादा पानी पीएं।


– आहार में प्रोटीन, नाइट्रोजन तथा सोडियम की मात्रा कम हो।


– चाकलेट, सोयाबीन, मूंगफली, पालक आदि का सेवन बहुत ज्यादा न करें।


– आवश्यकता से अधिक कोल्डड्रिंक्स भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।


– विटामिन-सी की भारी मात्रा न ली जाय।


– नारंगी आदि का रस (जूस) लेने से पथरी का खतरा कम होता है।


– हर महीने में पांच दिन एक छोटी चम्मच अजवाइन लेकर उसे पानी से निगल जाएं। 

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